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Qutub minar ki lambai kitni hai? क्या आप जानना चाहते हैं कि कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है, हमारे इस आर्टिकल में हम आपको यह बताएंगे कि क़ुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है. कुतुब मीनार कहां पर स्थित है, इसका इतिहास क्या है और इस टॉपिक से जुड़े हुए सारे सवालों के जवाब आपको देने की कोशिश करेंगे, इसलिए हमारे इस आर्टिकल (article) को अंत तक जरूर पढ़ें।

दिल्ली भारत की केवल राजधानी ही नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही ज्यादा प्राचीन शहर भी है, जहां पर प्राचीन भारत के कई नमूने देखने को मिलते हैं। 

उन्हीं शानदार बने हुए नमूनो में से एक है “कुतुब मीनार” जो दिल्ली सल्तनत के समय बनाया गया था। कुतुब मीनार का इतिहास बहुत ज्यादा पुराना है, इसे दुनिया की सबसे ऊंची ईंट से बनाया गया था।

कुतुब मीनार दिल्ली के सबसे ज्यादा जरूरी दर्शनीय स्थलों में से एक है। यहां पर हर साल बहुत सारे पर्यटक इस बेहतरीन मीनार की देखने आते हैं।

Qutub minar ki lambai kitni hai

ताजमहल की तरह ही, कुतुब मीनार को भी पुरातनता का एक masterpiece माना जाता है। यह जगह पर्यटकों के अलावा हिंदी सिनेमा के बीच में भी बहुत ज्यादा लोकप्रिय है। 

यहां पर बहुत सारी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। इसके अलावा, इस जगह का इस्तेमाल बहुत सारे टेलीविजन शो में भी किया जा चुका है, जिसकी वजह से यह एक बहुत ही बड़ा टूरिस्ट attraction स्पॉट है।

भारत के इतिहास में भी कुतुब मीनार की चर्चा कई जगहों पर की गई है, इसी वजह से आपके लिए इस बात को जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि, इस मीनार की लंबाई कितनी है, इसका निर्माण किसने करवाया था? इसलिए हम आपको सबसे पहले यही बताएंगे कि qutub- minar- ki-lambai-kitni-hai (कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है)।

क़ुतुब मीनार की लंबाई कितनी है? | Kutub minar ki lambai kitni hai

Kutub minar ki lambai kitni hai
Kutub minar ki lambai kitni hai

कुतुब मीनार की लंबाई (kutub minar ki lambai) 72.5 मीटर है, जोकि 237. 86 फीट के बराबर होता है। इसके व्यास या गोलाई के बारे में बताया जाए तो वह 14.3 मीटर है। इसकी गोलाई ऊंचाई तक जाते-जाते 2.75 मीटर, मतलब कि लगभग 9.02 फीट की हो जाती है। 

जब कुतुब मीनार सबसे पहले बना था तो यह केवल दो मंजिल का ही था, लेकिन अब इसकी ऊंचाई 5 मंजिला हो गई है। कुतुब मीनार की पहली तीन मंजिलों का निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया था और आखरी की दो मंजिले मार्बल और बलुआ पत्थरों से बनाई गई थीं। 

अब आपको पता चल गया होगा कि qutub minar ki lambai कितनी है।

क़ुतुब मीनार कहां पर स्थित है? 

क़ुतुब मीनार कहां पर स्थित है 

कुतुब मीनार दिल्ली के दक्षिणी भाग के अंदर महरौली क्षेत्र में स्थित है। कुतुबमीनार की दीवारों पर भारतीय कला के कई मास्टर पीस बसे हुए हैं, जिनमें से 115 ईसा पूर्व के हैं। यह मीनार UNESCO की दुनिया की हेरिटेज साइट्स में से एक है। अब हम आपको qutub minar facts बताएंगे हिंदी में।

कुतुब मीनार का निर्माण कब हुआ था और किसने करवाया था?

कुतुब मीनार का निर्माण कब हुआ था और किसने करवाया था

कुतुब मीनार की स्थापना भारत के सबसे पहले मुस्लिम शासक सुल्तान कुतुब उद्दीन ऐबक ने 1193 ई में करवाई थी। कुतुबुद्दीन ऐबक की देखरेख में पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण हुआ था। 

उसके बाद 1211 से लेकर 1236 के बीच में कुतुब मीनार की तीसरी और चौथी मंजिल का निर्माण सुल्तान शमशुद्दीन इल्तुतमिश ने करवाया था। अंत में सुल्तान फिरोज शाह तुगलक के शासन में कुतुब मीनार की पांचवी और आखरी मंजिल का निर्माण पूरा हुआ था और यह मीनार पूरा हुआ था।

कुतुब मीनार को पूरा बनाने में कितना समय लगा था?

सुल्तान कुतुब उद्दीन ऐबक ने 1193 ई में कुतुब मीनार का निर्माण शुरू करवाया था। कुतुब मीनार की पहली मंजिल कुतुब-उद-दीन द्वारा पूरी करवाई गई थी। बाकी की चार मंजिलों को बाद में उनके उत्तराधिकारियों (successors) ने बनवाया था। 

कुतुबुद्दीन ऐबक के बेटे ने इस मीनार की तीन मंजिले बनवाई थी , जबकि 1368 में फिरोजशाह तुगलक ने इसकी पांचवी और आखरी मंजिल बनवाई थी। इस मीनार का निर्माण लाल पत्थर और मार्बल से हुआ था।

कुतुब मीनार को किसकी याद में बनाया गया था?

कुतुब मीनार को अफगानिस्तान में जाम मीनार का अनुसरण करके बनाया गया था। कुतुबमीनार का नाम इसके पहले निर्माता कुतुब उद्दीन ऐबक के नाम पर रखा गया था और ऐसा माना जाता है कि इसे transoxiana से आए एक जाने-माने सूफी संत के सम्मान में बनाया गया था।

कुतुब मीनार का इतिहास क्या है? (qutub minar history)

भारतीय पुरातत्व के द्वारा की गई investigation के अनुसार कुतुब मीनार के निर्माण से पहले उस जगह पर 30 सुंदर जैन मंदिर थे। लेकिन आक्रमण करने वाले लोगों ने उन मंदिरो को तबाह कर दिया था और उस स्थान पर कई घर बना दिए गए थे। 

उसके बाद कुतुबुद्दीन ऐबक, जो कि दिल्ली के पहले मुस्लिम शासक थे, उन्होंने उस जमीन पर अफगानिस्तान में बने हुए जाम मीनार से प्रेरित होकर वहां पर एक मेरा मीनार बनाने की शुरुआत की थी।

कुतुब मीनार में कुरान की आयतों और फूलों की लताओं की बारीकी की से निकासी की गई है। यह दिल्ली के पुराने शहर ढिल्लिका में लाल कोट के प्राचीन किले के अवशेषों पर बनी हुई हैं। ढिल्लिका, अंतिम हिंदू राजाओं में से एक तोमरों और चौहानों की राजधानी थी।

कुतुब मीनार का नाम कैसा पड़ा था?

कुतुब मीनार का नाम कैसा पड़ा था

कुतुब मीनार के नाम पर आज भी कई जगह विवाद है। कुछ archaeologists का मानना है कि इसका नाम पहले सुल्तान कुतुबुद्दीन अहमद के नाम पर रखा गया था। 

कुछ लोगों का मानना है कि इसका नाम बगदाद के जाने-माने संत कुतुबुद्दीन बख्तियार की चाची के नाम पर रखा गया था, जोकि भारत में रहने आए थे। इल्तुतमिश के लिए उनके मन में बहुत ज्यादा सम्मान था यह एक और वजह हो सकती है कि इस मीनार का नाम कुतुब मीनार रखा गया था।

कुतुब मीनार में कुल कितनी सीढ़ियां है?

कुतुब मीनार के अंदर कुल पांच मंजिल है, जिसमें कुल 379 सीढ़ियां है।

क्या आप कुतुब मीनार के बारे में और जानकारी पाना चाहते हैं?

कुतुब मीनार पर भूकंप का कई बार असर हुआ है, सन 1505 में एक बहुत बड़ा भूकंप आया था जिसकी वजह से कुतुब मीनार पर बहुत भारी नुकसान हुआ था और इस बार भूकंप की वजह से कुतुब मीनार को जो भी हानि पहुंची थी, उसकी मरम्मत सिकंदर लोदी ने करवाई थी। 

लेकिन यह सिलसिला यहीं पर नहीं रुका, इसके बाद 1 अगस्त 1903 को एक और बड़ा भूकंप आया,  जिसकी वजह से कुतुब मीनार पर भारी डैमेज हुआ। लेकिन 1928 में ब्रिटिश इंडियन आर्मी के मेजर रोबर्ट स्मिथ ने इसकी मरम्मत करवाई और साथ ही में उन्होंने कुतुब मीनार के ऊपर एक गुंबद भी बनवा दिया।

लेकिन बाद में पाकिस्तान के जनरल लॉर्ड हार्डिंग ने इसको गुंबद को हटवा दिया था, और उसे कुतुब मीनार के पूर्व में स्थापित करवा दिया।

क्या आपको मालूम है कि कुतुब complex मे मौजूद हैं कई इतिहासिक इमारतें?

कुतुब मीनार में कई ऐतिहासिक इमारते हैं, और यह सभी इमारतें कुतुब complex के अंदर आती हैं। इस कंपलेक्स के अंदर दिल्ली का लौह स्तंभ, अलाई दरवाजा, अलाई मीनार, इमाम जमीन की कब्र और सेंडरसन का सैंडल जैसी सभी इमारते आती हैं, जिन्हें देखना सैलानियों का सबसे बड़ा मोटिव होता है।

क्या आप जानना चाहते हैं कि वह क्या हादसा था जिसकी वजह से कुतुब मीनार में entry बंद हो गई थी?

सन 1974 से पहले कुतुब मीनार के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हुए थे, लेकिन 4 दिसंबर 1981 को एक बहुत ही भयानक हादसा हुआ था, जिसमें भगदड़ की वजह से 45 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद इस इमारत के भीतरी ऐसे में किसी का भी जाना पूरी तरह से वर्जित कर दिया गया था।

क्या आप जानते हैं कि क़ुतुब मीनार भारत की एक ऐतिहासिक विरासत और main पर्यटन spot है? 

72.5 मीटर ऊंची यह आलीशान मीनार, मुगलों के समय की सबसे महान कृतियों में से एक है, जो कि अपनी बेहतरीन कारीगरी और सुंदर नकाशी के लिए जानी जाती है, कुतुब मीनार 5 मंजिलो वाली एक बहुत ही ज्यादा सुंदर और भव्य इमारत है। 

यह भारत के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है, जिसकी खूबसूरती को देखने के लिए दुनिया भर से लोग हर साल दिल्ली में भारी संख्या में आते हैं और इसकी विशालता की तारीफ करते हैं। 

कुतुब मीनार के premises में इल्तुतमिश का मकबरा, अलाई मीनार, अलाई दरवाजा, आदि है जो कि इस मीनार को और भी ज्यादा attractive बनाती हैं। 

ऐसे ही शंक्काकार आकार में बनाई गई इस बेहतरीन मीनार में की गई शानदार कारीगरी और नकाशी को देखने के लिए पर्यटक कई मिलो दूर से आते हैं। 

इंडो-इस्लामिक वास्तु शैली की मदद से बनानी गई बनाई गई यह ऐतिहासिक मीनार इतनी ज्यादा खूबसूरत है कि इसे देखकर ही एक इंसान उस समय की कल्पना कर सकता है, जब इसे बनाया जा रहा था। 

कुतुब मीनार की वजह से ही भारत के पर्यटन विभाग को भी हर साल बहुत ज्यादा मुनाफा होता है। कुतुब मीनार को देखने हर साल लाखों की संख्या में लोग आते हैं, जिससे भारत में tourism को भी काफी ज्यादा बढ़ावा मिलता है और लोग भारत की इस भव्य मीनार को देखने का लुफ्त उठा पाते हैं।

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निष्कर्ष about Qutub minar ki lambai kitni hai

दोस्तों हमारे इस article में हमने आपको बताया कि कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है, qutub minar height या qutub minar ki lambai क्या है, इसका इतिहास क्या है और इस विषय से जुड़ी हुई सारी जानकारी आपको देने की कोशिश की। 

हमारे इस आर्टिकल में हमने आपको qutub minar in hindi बताया।
आशा करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा, इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें जो इसके बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद!

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